Sunday, June 26, 2022

Majun Alkali | माजून अलकली के फ़ायदे

 

majun alkali

माजून अलकली का नुस्खा या कम्पोजीशन और बनाने का तरीका 

इसे बनाने के लिए चाहिए होता है मगज़ बादाम, मगज़ फिन्दक, पीपल, मगज़ चिलगोज़ा, चिरोंजी, सफ़ेद तिल, पोस्तु दाना, मगज़ कुल्थी, हब्बुल खिज़रा का मगज़, कुलंजन और मोचरस प्रत्येक तीन-तीन तोला 

खोपरा या नारियल गिरी, बहमन सफ़ेद, बहमन सुर्ख, तोदरी सफ़ेद, तोदरी सुर्ख, छोटी इलायची दाना और बड़ी इलायची दाना प्रत्येक चार माशा 

किशमिश और बीज निकाला हुआ मुनक्का प्रत्येक 6 माशा, छुहारा एक तोला 

शकाकुल, करफ्स-बीज, मीठा इन्द्रजौ, दरुनज अकरबी, सुखा पुदीना, मस्तगी, बंशलोचन, ताल मखाना, कबाबचीनी, जावित्री, बिजौरे का छिल्का, सोंठ, गोखरू(तीन बार दूध में तर कर सुखा हुआ), लौंग, गाजर के बीज, कौंच के बीज, नरकचूर और मैदा लकड़ी प्रत्येक दो माशा 

बालछड़ और अम्बर अशहब प्रत्येक एक माशा, चोबचिनी दो तोला चार माशा, मंजीठ दो माशा, चीनी 16 तोला चार माशा, सफ़ेद तुरंजबीन 8 तोला, शुद्ध सफ़ेद मधु 16 तोला चार माशा, केसर एक माशा

इतनी सारी जड़ी-बूटियाँ चाहिए होती हैं इसे बनाने के लिए, इसे बनाने का तरीका यह है कि सबसे पहले तुरंजबीन को पानी में उबालकर छानकर उसमे चीनी और शहद  मिलाकर पाक करें, पाक सिद्ध होने पर सभी जड़ी बूटियों का चूर्ण मिक्स करें. केसर और अम्बर को सबसे लास्ट में अर्क बेदमुश्क में घोंटकर मिलाएं. बस माजून अलकली तैयार है. 

माजून अलकली की मात्रा और सेवन विधि 

एक तोला तक रोज़ एक से दो बार तक दूध के साथ लेना चाहिए 

माजून अलकली के फ़ायदे 

यह बस्ती और वृक्क की दुर्बलता को दूर करता है. यानी किडनी और इसके आसपास के अंगों के रोगों को दूर करता है और इन अंगों को शक्ति देता है. 

बाजीकारक गुणों से भी भरपूर है. हेल्थ टॉनिक की तरह भी काम करता है. 





Monday, April 11, 2022

Arq Murakkab Musaffa Khoon | अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून

 

arq murakkab mussafi khoon

आज की जानकारी है यूनानी दवा अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून के बारे में. 

तो आईये जानते हैं कि अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून क्या है? इसका नुस्खा, बनाने का तरीका और इसके फ़ायदे के बारे में सबकुछ डिटेल में - 

अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून का कम्पोजीशन 

इसे बनाने के लिए चाहिए होता है शाहतरा के पत्ते, शाहतरा के बीज, चिरायता, सर्फोंका, मुंडी, नीलकंठी, ब्रह्मदंडी, आबनूस का बुरादा, सफ़ेद चन्दन, बुरादा, लाल चन्दन बुरादा, अफ्तिमुन बस्फाईज और उस्बा प्रत्येक 5-5 तोला. मेहँदी के पत्ते, मेहँदी के फूल, नीम के पत्ते, नीम के फूल, नीम की छाल, बकायन की छाल, शीशम की छाल, कचनार की छाल प्रत्येक 7-7 तोला और उन्नाब और धमासा 8-8 तोला

निर्माण विधि 

बनाने का तरीका यह है कि सभी को इसके कुल वज़न के 16 गुना पानी में दो दिनों तक भिगोने के बाद अर्क खींचने वाली मशीन से कुल पानी का आधी मात्रा में अर्क निकाला जाता है. यही अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून कहलाता है.

अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून के फ़ायदे 

जैसा कि इसका नाम है, खून साफ़ करने वाली औषधि है. आयुर्वेद में जिसे रक्तशोधक कहा जाता है उसे ही यूनानी में मुसफ्फा खून या मुस्सफी खून के नाम से जाना जाता है. 

समस्त रक्त विकारों की यह उत्तम औषधि है. 

फोड़े, फुंसी, खुलजी से लेकर हर तरह चर्मरोगों में इसका प्रयोग किया जाता है. 

अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून की मात्रा और सेवन विधि 

50 ML सुबह-शाम 20 ML शर्बत उन्नाब मिलाकर लेना चाहिए. 

तो दोस्तों यह थी आज की जानकारी अर्क मुरक्कब मुसफ्फा खून के बारे में. 



Monday, February 28, 2022

Habbe-e-Kuchla | हब्बे कुचला के फ़ायदे

 

habb e kuchla

हब्बे कुचला एक यूनानी दवा है जिसमे कुचला मेन इन्ग्रीडेंट होता है. गोली या वटी फॉर्म वाली दवा को ही यूनानी में हब्ब या कुर्स भी कहा जाता है. 

हब्बे कुचला का कम्पोजीशन 

इसके नुस्खे या कम्पोजीशन की बात करें तो इसे बनाने के लिए चाहिए होता है शुद्ध कुचला और केसर प्रत्येक एक-एक तोला, दालचीनी, जावित्री और सुरंजान प्रत्येक चार तोला, बड़ी इलायची के बीज पाँच तोला और सोंठ दस तोला

हब्बे कुचला बनाने का तरीका 

सभी का बारीक कपड़छन चूर्ण कर पानी मिलाकर खरलकर 500 मिलीग्राम की गोलियाँ बनाकर सुखाकर रख लें. बस यही हब्बे कुचला है. 

इसे एक-एक गोली सुबह-शाम दूध के साथ लेना होता है. 

हब्बे कुचला के फ़ायदे 

यह वात नाशक है, आमवात और इसकी वजह से होने वाले दर्द को दूर करता है. 

वीर्य पुष्टिकर और बल्य भी, नर्व्स को ताक़त देता है और पॉवर स्टैमिना को बढ़ाता है. 

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